‘बॉलीवुड क्वीन’ मधुबाला की डुप्लीकेट थीं ‘सोना मस्तान मिर्ज़ा’: 1964 की फ़िल्म से शुरू किया था करियर

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By Mohammad Shameem Khan

सोना मस्तान मिर्ज़ा, तस्वीर: सोशल मीडिया

सोना मस्तान का फ़िल्मों में आगाज़

कहतें हैं कि फ़िल्मी दुनिया में सितारों की क़िस्मत हर जुमे बनती और बिगड़ती है, ये किसी हद तक सच भी है बॉलीवुड में बहुत से सितारे आये और छा गए लेकिन कुछ की क़िस्मत में आयी तो सिर्फ नाक़ामी, तो कुछ सितारे ऐसे भी आये जो किसी बड़े कलाकार के जैसे दिखते थे कि उन्हें कोई भी देख कर धोखा खा जाये, इतिहास इस बात का गवाह है कि शक्ल सूरत एक जैसे होने की वजह से किसी भी कलाकार को सफलता नहीं मिली, सफलता सिर्फ उन्हें ही मिली जो टैलेंटेड थे और जिनकी क़िस्मत अच्छी थी. उन्ही कलाकारों में से एक रहीं अदाकारा सोना, जो मशहूर और मारूफ़ अदाकारा मधुबाला जैसी दिखती थी, मधुबाला जैसी दिखने की वजह से शुरुवात में लोगों ने उन्हें ख़ूब तवज्जोह दी लेकिन अभिनेत्री सोना मस्तान मिर्ज़ा मधुबाला जैसी शोहरत नहीं कमा सकीं.

सोना मस्तान मिर्ज़ा, तस्वीर: सोशल मीडिया

आप अपने ज़ेहन पर ज़रा ज़ोर डालेंगे तो आपको याद आएगा कि 70 और 80 के दशक में अदाकारा सोना ने फिल्म इंडस्ट्री में बतौर मुख्य अभिनेत्री क़दम रखा था, जब वह रुपहले परदे पर आईं तो उन्हें काफी लोकप्रियता मिली, लेकिन उनकी ख़ूबसूरती की वजह से ना कि उनकी अदाकारी की वजह से.


अदाकारा सोना मस्तान मिर्ज़ा की पैदाइश हुई बम्बई में, किस साल में हुई ये पता नहीं चलता है, इनके वालिद साहब का नाम असगर हसब कश्मीरी था, वो भी एक एक्टर थे और उन्होंने कुछ फ़िल्मों में छोटे मोठे रोल किये थे. सोना ने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर भी कुछ फिल्मों में काम किया था, तब उनका नाम ‘बेबी शोभना’ हुआ करता था लेकिन किन फ़िल्मों में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया कुछ भी पता नहीं चलता है. सोना का असली नाम “शाहजहां बेगम” था लेकिन फ़िल्मी परदे पर उन्होंने अपना नाम सोना रखा.

सोना मस्तान मिर्ज़ा, तस्वीर: सोशल मीडिया

बतौर मुख्य अभिनेत्री सोना मस्तान मिर्ज़ा की पहली फ़िल्म: आवारा बादल

सोना ने अपने करियर की शुरुवात किस फ़िल्म से की कुछ ख़ास पता नहीं चलता है लेकिन 1964 की फ़िल्म आवारा बादल में वह पहली बार दिखाई दीं. उसके बाद 1971 की फ़िल्म बदनाम फरिश्ते में ये नज़र आयीं. 1972 में गंगा और 1973 में ये मन जीते जग जीते, सोनल और राज खोसला की बहुचर्चित फ़िल्म कच्चे धागे में नज़र आईं. कच्चे धागे में ये एक छोटी सी मगर बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हुई नज़र आईं. इस फ़िल्म में उन पर दो गीत फ़िल्माएं गए जो उस दौर में बहुत चर्चित हुए वो गीत कुछ यूं थे – ज़रा से अगर हम बेवफ़ा यूं ना होते और बात करते हैं जो माशूक़ से काम लेते नहीं बन्दूक से..


सोना मस्तान मिर्ज़ा की बेहतरीन फ़िल्में

उसके बाद सोना मस्तान मिर्ज़ा मोती मूवीज़ की बंद पड़ी फ़िल्म ‘दो महापुरुष’ 1974 में ये नज़र आईं. जिसमें इनके साथ थे मीना टी और दुष्यंत, इस फिल्म का संगीत तैयार किया था अजय ने और ये फ़िल्म कमर नार्वी द्वारा निर्देशित की गयी थी.


सोना ने ‘गुलामी की जंजीरें’ में रजिया, ‘कसम दुर्गा की’ में सरला और ‘स्पॉट बॉय’ फिल्म में रेशमा का किरदार निभाया था. उन्होंने 1975 में बीवी किराये की , मृग तृष्णा 1976 में नाग चंपा, राखी और राइफल, 1977 त्याग,1981 में ख्वाजा की दीवानी, मीना कुमारी की अमर कहानी, 1982 में माँ के आंसूं, 1983 में बिस्मिल्लाह की बरकत, सीक्रेट एजेंट, जिसमें उनके साथ थे महेंद्र संधू, इस फ़िल्म का संगीत बप्पी लाहिरी ने दिया था, ग़ुलामी की ज़ंजीरें, कैसे कैसे लोग, 1984 में क़सम दुर्गा की, 1986 में आदमखोर, 1987 में सच्ची इबादत, 1989 में सात लड़कियां और उनके करियर की आखिरी फ़िल्म रही स्पॉट बॉय जो 1996 में रिलीज़ हुई थी।
सोना मस्तान मिर्ज़ा भले ही मधुबाला की तरह दिखती थी, लेकिन वह कभी ‘ए’ ग्रेड एक्ट्रेस नहीं बन पाईं.

मधुबाला और सोना मस्तान मिर्ज़ा, तस्वीर: सोशल मीडिया

सोना मस्तान मिर्ज़ा हूबहू मधुबाला जैसी दिखती थीं लेकिन सफल नहीं हो पाईं

सोना काफी हद तक मधुबाला जैसी दिखती थीं. मधुबाला की जो मुस्कान और खूबसूरती थी, वह सोना में झलकती थी. अब ये नहीं कह सकते कि वो पूरी तरह से मधुबाला जैसी दिखती थी लेकिन उनकी क़द काठी भी मधुबाला जैसी ही थी, इंडस्ट्री में हर कोई उन्हें उनके नाम सोना से कम, बल्कि मधुबाला की हमशक्ल के तौर पर ज़्यादा जनता था. ऐसा भी सुनने में आया था कि एक बार उन्हें देख कर दिलीप कुमार भी धोखा खा गए थे, इस बात में कितनी सच्चाई है हम नहीं जानते. इसके अलावा सोना को एक वजह से और लोकप्रियता मिली और वह थी मुंबई के डॉन हाजी मस्तान की पत्नी के तौर पर. हाजी मस्तान और सोना की लव स्टोरी काफ़ी दिलचस्प है –

हाजी मस्तान और सोना मस्तान मिर्ज़ा, तस्वीर: सोशल मीडिया

सोना मस्तान मिर्ज़ा की हाजी मस्तान से मुलाक़ात और शादी

हाजी मस्तान जब आठ साल का था, तब वह अपने घर से भाग कर मुंबई आ गया था. यहां उसने 60 से लेकर 80 के दशक तक राज किया. हर कोई हाजी मस्तान से डरता था, फिर वह चाहे कोई आम इंसान हो या फिर कोई फ़िल्मी सितारे. हाजी मस्तान उस समय फ़िल्मों में भी पैसा लगाया करता था. ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाजी मस्तान, मधुबाला की ख़ूबसूरती पर बेहद फिदा था. वह मधुबाला से शादी भी करना चाहता था, इसके लिए उसने काफी कोशिशें भी की थीं.

हाजी मस्तान और सोना मस्तान मिर्ज़ा, तस्वीर: सोशल मीडिया

हालांकि, वह असफल रहा. फिर फरवरी, 1969 को जब मधुबाला इस दुनिया में नहीं रहीं, तो वह बिखर गया. हाजी मस्तान, मधुबाला के ग़म से उबरने की ज़द्दोज़हद कर ही रहा था कि उसे पता चला कि फिल्म इंडस्ट्री में मधुबाला जैसी दिखने वाली एक लड़की ने कदम रखा है और यह लड़की कोई और नहीं बल्कि सोना थीं. बस तो फिर हाजी मस्तान, फ़िल्म के सेट पर जाने लगा जहाँ सोना की फ़िल्मों की शूटिंग हुआ करती थी और कहा तो यहाँ तक जाता है कि सोना को पाने के लिए उसने सोना की बहुत सी फ़िल्मों में पैसा भी लगाया और उसकी ये कोशिशें कामयाब भी हो गयीं, सोना की नजरें उससे टकरा गईं. दोनों एक दूसरे से मोहब्बत करने लगे और फिर उन्होंने शादी कर ली. शादी के बाद सोना ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया. वैसे भी वह इंडस्ट्री में कुछ ख़ास करके नहीं दिखा पाई थीं, इसलिए उन्होंने इंडस्ट्री से दूरी बनाना ही बेहतर समझा. सोना, हाजी मस्तान की दूसरी बीवी थीं. 1994 में हाजी मस्तान की जब मौत हो गई, जिसके बाद सोना बिलकुल अकेली पड़ गई.

सोना मस्तान मिर्ज़ा दिलीप कुमार के साथ,
तस्वीर: सोशल मीडिया

हाजी मस्तान की मौत के बाद सोना की संपत्ति गयी और हालात ख़राब हो गए

हाजी मस्तान के मौत के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर काफी विवाद हुआ. क्योंकि हाजी मस्तान ने सारी संपत्ति सोना के नाम कर दी थी. चूँकि सोना की अपनी कोई औलाद थी नहीं इसलिए उन्हें यह डर सताने लगा कि हाजी मस्तान की पहली बीवी और बच्चे कहीं संपत्ति के लिए उनकी हत्या न कर दें. ऐसे में सोना ने सारी संपत्ति उनके नाम कर दी और वह हमेशा के लिए गुमनामी दुनिया में चली गईं. सारी संपत्ति जाने के बाद उनकी ज़िन्दगी बदहाली में गुज़री.
सोना का नाम फिर से मीडिया सुर्खियों में छाया, जब हसीन मस्तान मिर्ज़ा नाम की एक महिला ने यह दावा किया कि वह सोना और हाजी मस्तान की बेटी है. हसीन का कहना था कि वह सिर्फ सोना की बेटी हैं, और हाजी मस्तान उनके पिता नहीं थे. हाजी मस्तान ने केवल उनकी परवरिश की थी. उस वक़्त हसीन मस्तान मिर्ज़ा ने अपनी मां सोना पर उस समय काफी गंभीर आरोप लगाए थे.

‘सोना’ अनारकली की मोहब्बत में, तस्वीर: सोशल मीडिया

हसीना ने मीडिया में ये बताया था कि सोना ने ज़बरदस्ती उनकी शादी नासिर हुसैन नामक आदमी से करवाई थी, हसीन का यह भी कहना था कि जुहू में स्थित एक घर हाजी मस्तान ने उनके नाम किया था. जिसे कुछ लोग हथियाना चाहते हैं, यह मामला कोर्ट तक गया और फिर आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई थी.

‘सोना’ फ़िल्म राखी और राइफ़ल में, तस्वीर: सोशल मीडिया

सोना मस्तान मिर्ज़ा और विवादों का सफर

फिर 2010 में वह फिर से चर्चा में आयीं, जब ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ फिल्म रिलीज़ होने वाली थी, मीडिया में यह कहा जाने लगा था कि फ़िल्म का चरित्र उनकी और हाजी मस्तान की ज़िन्दगी से प्रभावित है. वो चाहती थीं कि फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले एक बार उन्हें दिखाई जाये. जब उनके लिए फ़िल्म की स्क्रीनिंग रखी गयी तो उन्हें फ़िल्म काफी पसंद आयी. साल 2014 में एक दिन ख़बर आई कि सोना मस्तान मिर्जा इस दुनिया-ए- फ़ानी से रुख़सत हो गयीं हैं. तो दोस्तों ये थी सोना मस्तान मिर्ज़ा की ज़िन्दगी की अर्श से फर्श तक की कहानी, आपको ये कहानी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताइयेगा, या आपके पास सोना से रिलेटेड कोई भी क़िस्सा या इनफार्मेशन हो तो कमेंट बॉक्स में हमसे ज़रूर साझा कीजिये. हमें आपकी प्रितिक्रिया का इंतज़ार रहेगा. धन्यवाद !

Courtesy: https://hindi.news18.com/news/entertainment/bollywood-mumbai-first-don-haji-mastan-mirza-married-to-madhubala-doppelgagnger-actress-sona-unique-love-story-5215053.html

https://zeenews.india.com/hindi/cinema/madhubala-lookalike-actress-sona-married-to-underworld-don-haji-mastan-mirza/1495430

https://www.tv9hindi.com/entertainment/where-is-madhubala-lookalike-actress-sona-who-married-to-mumbai-don-haji-mastan-688404.html

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